Priyanka Gandhi speaking in Lok Sabha while Amit Shah smiles during women's reservation bill debate
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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर गुरुवार को जोरदार बहस देखने को मिली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर ‘चाणक्य’ का जिक्र करते हुए तंज कसा, जिस पर सदन में हंसी का माहौल बन गया।

महिला आरक्षण पर कांग्रेस का समर्थन, लेकिन सरकार पर सवाल

वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला सांसदों के लिए आरक्षण का समर्थन करती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि मौजूदा बिल में राजनीति की झलक दिखाई देती है और यह केवल महिला सशक्तिकरण का मुद्दा नहीं है।

उन्होंने इसे एनडीए सरकार का “राजनीतिक ट्रंप कार्ड” बताते हुए आरोप लगाया कि यह कदम चुनावी लाभ के लिए उठाया गया है।

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‘चाणक्य भी चौंक जाते’ — प्रियंका का तंज

अपने संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी ने हल्के अंदाज में कहा कि अगर आज चाणक्य जीवित होते, तो सरकार की रणनीति देखकर वे भी हैरान रह जाते। उनके इस बयान पर अमित शाह, किरेन रिजिजू समेत कई भाजपा सांसद हंसते नजर आए।

प्रियंका गांधी ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी कि सत्तापक्ष पूरी तैयारी के साथ आया है।

प्रधानमंत्री के दावों पर उठाए सवाल

प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें भाजपा को महिला आरक्षण का सबसे बड़ा समर्थक बताया गया था। उन्होंने कहा कि महिलाओं में सच और झूठ पहचानने की क्षमता होती है, इसलिए सरकार को सावधानी बरतनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने 2023 में इस कानून का समर्थन किया था और आगे भी महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में खड़ी रहेगी।

33% आरक्षण और सीटों की संख्या पर सवाल

प्रियंका गांधी ने पूछा कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन इसी रूप में लागू हुआ, तो इससे लोकतंत्र पर असर पड़ सकता है।

ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र

बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने महिला अधिकारों के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत पंडित मोतीलाल नेहरू की 1928 की रिपोर्ट से हुई थी, जिसमें 19 मौलिक अधिकारों का उल्लेख था।

उन्होंने बताया कि 1931 के कराची अधिवेशन में, सरदार पटेल की अध्यक्षता में, महिलाओं के समान अधिकारों को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाया गया। साथ ही “एक वोट, एक नागरिक, एक मूल्य” का सिद्धांत स्थापित हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि नगरपालिकाओं और पंचायतों में 33 प्रतिशत आरक्षण सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने पेश किया था।

सरकार का प्रस्ताव और विपक्ष की आपत्ति

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के तहत केंद्र सरकार ने लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित होंगी।

यह प्रस्ताव परिसीमन (Delimitation) और संबंधित कानूनों के जरिए महिला आरक्षण लागू करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। हालांकि, दक्षिणी राज्यों ने इसका विरोध किया है। उनका तर्क है कि परिसीमन से हिंदी भाषी राज्यों को अधिक लाभ मिल सकता है, जो भाजपा का मजबूत आधार क्षेत्र माना जाता है।

प्रधानमंत्री का जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को पहले भी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह महिलाओं को दिया गया कोई उपहार नहीं, बल्कि उनका अधिकार है।

Source : https://www.indiatoday.in/india/story/priyanka-gandhi-vadra-parliament-session-lok-sabha-amit-shah-chanakya-quip-womens-quota-reservation-viral-video-2897242-2026-04-16

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