Spread the love मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कहा है कि वह ईरान के साथ किसी भी तरह के सीजफायर के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “जब आप विरोधी को पूरी तरह कमजोर कर रहे हों, तब सीजफायर नहीं किया जाता।” ट्रंप ने इस दौरान NATO सहयोगियों पर भी निशाना साधते हुए उन्हें “कमजोर” बताया और कहा कि अमेरिका के बिना यह सैन्य गठबंधन प्रभावी नहीं है। उनके इस बयान से पश्चिमी देशों के बीच मतभेद और खुलकर सामने आ गए हैं। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने फारसी नववर्ष और ईद के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान ने अपने दुश्मनों को “करारा जवाब” दिया है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल के हमलों को “गंभीर भूल” बताया और चेतावनी दी कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है। Also Read: ईरान मिशन में अमेरिकी F-35 जेट क्षतिग्रस्त इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस युद्ध को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। Sri Lanka ने अमेरिका के दो फाइटर जेट्स को अपने यहां उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जबकि Switzerland ने अमेरिका को हथियार निर्यात पर रोक लगा दी है, जिससे वैश्विक समर्थन में कमी साफ नजर आ रही है। मिडिल ईस्ट में हालात तब और संवेदनशील हो गए जब ईद-उल-फितर और Nowruz जैसे बड़े त्योहारों के दौरान भी हमले जारी रहे। Iran और Lebanon में अमेरिकी और इजराइली हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे आम नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। युद्ध के चलते क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि कई इलाकों में बुनियादी ढांचा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में सीजफायर की संभावना कम नजर आ रही है और आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज हो सकता है। वैश्विक शक्तियों के बीच बढ़ती दूरी और क्षेत्रीय तनाव इस युद्ध को और जटिल बना रहे हैं। Post navigation ईरान मिशन में अमेरिकी F-35 जेट क्षतिग्रस्त, तेहरान ने ‘पहले हमले’ का दावा किया War या Network Fail? ये 5 Offline Apps हर हाल में करेंगी काम