Missile strikes and military tension between Iran, US, and Israel in Middle East conflict
Spread the love

ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष अब अधिक जटिल और खतरनाक चरण में पहुंचता दिख रहा है। सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर बढ़ते दबावों के बीच क्षेत्रीय संकट गहराता जा रहा है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, हालात कई देशों को प्रभावित कर रहे हैं।

सैन्य तैयारियां और संभावित जमीनी कार्रवाई

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन ईरान के भीतर सीमित अवधि की जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इन योजनाओं में विशेष बलों और पारंपरिक सैनिकों द्वारा लक्षित हमले शामिल हो सकते हैं, हालांकि पूर्ण पैमाने पर युद्ध की योजना नहीं है।

रणनीतिक लक्ष्यों में खार्ग द्वीप (ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र) और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास के तटीय क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका बिना जमीनी सैनिकों के भी अपने उद्देश्य हासिल कर सकता है।

ईरान की चेतावनी और कूटनीतिक तनाव

कूटनीतिक मोर्चे पर ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी की है। उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी संबद्ध विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की धमकी दी है। यह चेतावनी उन हमलों के बाद आई है जिनमें दो ईरानी संस्थानों के नष्ट होने की खबर है।

ईरान ने वॉशिंगटन से औपचारिक निंदा की मांग की है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

क्षेत्रीय हमले और बढ़ती हिंसा

ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। उनका दावा है कि उन्होंने संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

इसके जवाब में इज़राइल ने अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइली लड़ाकू विमान बेरूत के ऊपर ध्वनि की गति पार करते हुए देखे गए, जिससे लेबनान में दहशत फैल गई।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लेबनान में एक ही दिन में 9 पैरामेडिक्स की मौत हुई है और स्वास्थ्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

इराक और अन्य क्षेत्रों में हिंसा

इराक के मोसुल में हुए एक हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और कई घायल हुए। स्थानीय प्रशासन ने इसके लिए अमेरिका और इज़राइल को जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं, अमेरिका ने इराक में नेचिरवान बरजानी पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की है और इसे ईरान समर्थित समूहों की कार्रवाई बताया है।

आर्थिक असर और ऊर्जा संकट

इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। पाकिस्तान ने एक महीने से कम समय में पांचवीं बार जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ा दी हैं। इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अस्थिर तेल बाजार को कारण बताया गया है।

मार्च की शुरुआत से ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ रहा है।

अमेरिका में विरोध प्रदर्शन

इसी बीच, अमेरिका के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है। “नो किंग्स” आंदोलन के तहत लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ये प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और युद्ध में संभावित गहराई से भागीदारी का विरोध कर रहे हैं।

देश के कई बड़े शहरों में हो रहे ये प्रदर्शन विदेश नीति को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाते हैं।

प्रमुख बिंदु:

1. ईरान की सख्त चेतावनी

ईरान के संसद अध्यक्ष ने कहा है कि देश संभावित अमेरिकी जमीनी हमले के लिए तैयार है और क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

2. पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मिस्र और तुर्की के नेताओं से मुलाकात की है। इस बैठक में सऊदी अरब के शामिल होने की भी संभावना है।

3. खाड़ी क्षेत्र में हमले

ईरान द्वारा बहरीन और UAE में एल्युमिनियम प्लांट्स को निशाना बनाया गया, जिससे कर्मचारियों को चोटें आईं और भारी नुकसान हुआ।

4. बढ़ती हताहत संख्या

होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान के एक बंदरगाह शहर में हमले में कम से कम 5 लोगों की मौत हुई। लेबनान में इज़राइली हमलों में 3 पत्रकार और 9 पैरामेडिक्स मारे गए।

5. संघर्ष का विस्तार

अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात किए हैं, जिसमें USS Tripoli भी शामिल है। वहीं, यमन के हूती समूह के शामिल होने से संघर्ष का दायरा और बढ़ गया है।

ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ता यह संघर्ष अब क्षेत्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है। सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ कूटनीतिक तनाव, आर्थिक दबाव और जन विरोध इस स्थिति को और जटिल बना रहे हैं। आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

Source: https://timesofindia.indiatimes.com/world/middle-east/us-israel-iran-war-news-live-udates-middle-east-crisis-iran-drone-missile-attack-gulf-countries-dubai-qatar-news-strait-of-hormuz-crude-oil-latest-news/liveblog/129874591.cms

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *