Police investigation at TCS Nashik office over sexual harassment and religious conversion allegations involving employees
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महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस (TCS) के बीपीओ यूनिट से जुड़ा मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। धर्म परिवर्तन, यौन उत्पीड़न और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के आरोपों के बीच पुलिस जांच जारी है। अब तक इस मामले में कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

कैसे शुरू हुआ मामला

यह मामला शुरुआत में कथित धार्मिक परिवर्तन की शिकायत से शुरू हुआ था, लेकिन बाद में यह यौन उत्पीड़न और संगठित तरीके से महिलाओं को निशाना बनाने के आरोपों तक पहुंच गया।

मार्च में एक महिला कर्मचारी ने देवळाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने अपने सीनियर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। इसके बाद आठ अन्य कर्मचारियों ने भी यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराईं।

अंडरकवर ऑपरेशन और जांच

पुलिस को फरवरी में मिली सूचना के बाद एक गुप्त जांच शुरू की गई। इस दौरान छह महिला पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में कंपनी में तैनात किया गया।

करीब 40 दिनों तक उन्होंने अंदर रहकर घटनाओं का निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट दी। इन रिपोर्ट्स ने पहले मिली सूचनाओं की पुष्टि की, जिसके बाद कार्रवाई तेज कर दी गई।

पहली एफआईआर और आरोप

मार्च में दर्ज पहली एफआईआर में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला का यौन शोषण किया।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी पहले से शादीशुदा था, लेकिन उसने झूठे वादे कर संबंध बनाए और कई बार दुष्कर्म किया। साथ ही उसके सहयोगियों ने कार्यस्थल पर महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

कुल एफआईआर और गिरफ्तारियां

अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़े मामले शामिल हैं।

  • 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है
  • सभी आरोपियों को कंपनी से बर्खास्त किया गया है
  • एक महिला आरोपी फरार बताई जा रही है

पुलिस के अनुसार, सात पुरुष आरोपी मिलकर “संगठित गैंग” की तरह काम करते थे।

महिला आरोपियों की भूमिका

नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के अनुसार, दो महिला आरोपियों की भूमिका भी सामने आई है।

  • एक महिला (ऑपरेशंस और एचआर हेड) पर आरोप है कि उसने पीड़िता को शिकायत दर्ज करने से रोका
  • दूसरी महिला पर धार्मिक उत्पीड़न से जुड़े मामले में आरोप है

मलेशिया लिंक की जांच

जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट में “इमरान” नाम के व्यक्ति का जिक्र सामने आया है, जिसका कथित तौर पर मलेशिया से संबंध बताया जा रहा है।

बताया गया कि वह वीडियो कॉल के जरिए कर्मचारियों से बात करता था और विदेश में बेहतर नौकरी और जीवनशैली के बारे में जानकारी देता था। हालांकि, इस अंतरराष्ट्रीय लिंक पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

SIT जांच और कानूनी धाराएं

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • धारा 69 (दुष्कर्म)
  • धारा 75 (यौन उत्पीड़न)
  • धारा 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करना)
  • धारा 78 (स्टॉकिंग)
  • धारा 79 (अश्लील इशारों से शीलभंग)

एसआईटी यह भी जांच करेगी कि कंपनी के आंतरिक शिकायत तंत्र ने सही तरीके से काम किया या नहीं।

राष्ट्रीय महिला आयोग की एंट्री

मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एक जांच समिति गठित की है।

यह टीम 18 अप्रैल को मौके पर जाकर जांच करेगी और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेगी।

TCS का बयान

टीसीएस ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि कंपनी में उत्पीड़न के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति है।

कंपनी के अनुसार:

  • जांच के दौरान संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया गया
  • स्थानीय प्रशासन के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी मामले को “गंभीर और चिंताजनक” बताया और विस्तृत जांच के आदेश दिए।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका

यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका दाखिल कर “संगठित धार्मिक उत्पीड़न” पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है।

याचिका में कहा गया है कि धोखे से धर्म परिवर्तन राष्ट्रीय एकता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों से सख्त कदम उठाने की मांग की गई है।

टीसीएस नासिक मामला अब बहुआयामी जांच का विषय बन चुका है, जिसमें यौन उत्पीड़न, धार्मिक उत्पीड़न और संस्थागत लापरवाही जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस, एसआईटी और राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ पाएगी।

Source : https://www.hindustantimes.com/india-news/religious-conversion-sexual-harassment-and-organised-gang-what-we-know-about-the-tcs-nashik-crisis-explained-101776342122354.html

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