Spread the love Amnesty International ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने कहा है कि Donald Trump द्वारा ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले की चेतावनी “संभावित युद्ध अपराध” की श्रेणी में आ सकती है। ⚠️ ट्रंप की चेतावनी पर विवाद रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने ईरान को Strait of Hormuz खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो अमेरिका उसके प्रमुख बिजली संयंत्रों को निशाना बना सकता है। हालांकि, बाद में ट्रंप ने कहा कि बातचीत के चलते इन हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया गया है। 🗣️ एमनेस्टी इंटरनेशनल की कड़ी प्रतिक्रिया एमनेस्टी इंटरनेशनल की वरिष्ठ अधिकारी Erika Guevara-Rosas ने कहा: “बिजली संयंत्रों जैसे नागरिक ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के खिलाफ है और इससे करोड़ों लोगों को भारी नुकसान हो सकता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमले: पानी की सप्लाई बाधित कर सकते हैं अस्पतालों की बिजली बंद कर सकते हैं खाद्य आपूर्ति और रोजगार पर असर डाल सकते हैं Also Read: ईरान युद्ध का असर: PM मोदी की चेतावनी 🌍 ईरान की भी जवाबी धमकी Iran ने भी कहा है कि अगर अमेरिका हमला करता है, तो वह: अमेरिकी और इजरायली बिजली संयंत्रों खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचेको निशाना बना सकता है। 🚢 स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना तनाव का केंद्र International Maritime Organization के अनुसार, हाल के दिनों में इस क्षेत्र में 18 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कई जहाजों को नुकसान हुआ और कुछ लोगों की मौत भी हुई। ⚡ क्यों खतरनाक है बिजली संयंत्रों पर हमला? विशेषज्ञों के अनुसार: बिजली ठप होने से पानी की सप्लाई रुक सकती है अस्पतालों में लाइफ सपोर्ट सिस्टम बंद हो सकते हैं भुखमरी और बीमारी का खतरा बढ़ सकता है इसलिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ऐसे हमलों को गंभीर अपराध माना जाता है। Source: https://www.amnesty.org/en/latest/news/2026/03/trump-warning-attack-iran-power-plants-is-threat-to-commit-war-crimes/ Post navigation दिल्ली बजट 2026-27: हर घर को 2 मुफ्त LPG सिलेंडर, ‘ग्रीन बजट’ पर जोर