Donald Trump being briefed by officials during a tense Iran rescue operation scenario
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वॉशिंगटन: ईरान के साथ जारी तनाव और दो हफ्तों के युद्धविराम के अंत के करीब पहुंचने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति और नेतृत्व शैली पर सवाल उठ रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, संकट के दौरान उनके सहयोगियों ने उन्हें कंट्रोल रूम से दूर रखा और केवल अहम मौकों पर ही अपडेट दिया।

युद्ध और शांति के बीच झूलती रणनीति

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ईरान के साथ स्थायी शांति समझौते की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी रणनीति में कभी कड़े रुख तो कभी नरम संकेत देखने को मिल रहे हैं। साथ ही, उन्हें इस बात की चिंता भी सता रही है कि हालात कहीं 1979 के ईरानी बंधक संकट जैसे न बन जाएं, जिसे अमेरिकी विदेश नीति की बड़ी विफलताओं में गिना जाता है।

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सीमित की गई जानकारी, घटता फोकस

बताया गया है कि ट्रंप की जल्दबाजी और आवेगपूर्ण निर्णय लेने की प्रवृत्ति को देखते हुए उनके शीर्ष सहयोगी उन्हें सीमित जानकारी दे रहे हैं। उनका मानना है कि ज्यादा जानकारी से स्थिति और जटिल हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप अब इस युद्ध से ध्यान हटाकर अन्य मुद्दों पर फोकस करना चाहते हैं।

‘कंट्रोल रूम से दूर रखा गया’

मार्च में जब ईरान द्वारा अमेरिकी F-15 विमान को गिराए जाने की जानकारी ट्रंप को मिली, तो उन्होंने कथित तौर पर अपने सहयोगियों पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने 1979 के बंधक संकट का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकती हैं।

इसके बाद ट्रंप ने तुरंत दोनों अमेरिकी क्रू मेंबर्स को ईरान से सुरक्षित निकालने का आदेश दिया। हालांकि, ईरान में लंबे समय से अमेरिकी सैन्य उपस्थिति न होने के कारण यह मिशन बेहद चुनौतीपूर्ण था।

इसी दौरान, एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “सहयोगियों ने राष्ट्रपति को कंट्रोल रूम से दूर रखा क्योंकि उन्हें लगा कि उनकी अधीरता ऑपरेशन के लिए नुकसानदेह हो सकती है। उन्हें केवल जरूरी समय पर ही जानकारी दी गई।”

1979 संकट की छाया और ट्रंप की चिंता

रिपोर्ट में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि 1979 के ईरानी बंधक संकट की यादें ट्रंप के मन में लगातार बनी हुई थीं। यही कारण है कि वे इस स्थिति को लेकर विशेष रूप से सतर्क और चिंतित थे।

धमकियों के बावजूद सैन्य कार्रवाई को लेकर डर

हालांकि ट्रंप ने ईरान को “पूरी तरह तबाह” करने जैसी कड़ी चेतावनियां दी हैं और खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की बात भी कही है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वे सैनिकों को खतरे में डालने से डरते हैं। उन्हें आशंका है कि युद्ध में सैनिक घायल हो सकते हैं या वापस नहीं लौट सकते।

बिना सलाह के बयान और बातचीत की कोशिश

रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने कई बार अपने राष्ट्रीय सुरक्षा दल की सलाह के बिना जोखिम भरे बयान दिए, जिनमें ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की बात भी शामिल है। हालांकि, उनके सहयोगियों का मानना है कि यह रणनीति ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए अपनाई गई।

ट्रंप का यह भी मानना है कि अस्थिर और आक्रामक दिखना ईरान को वार्ता के लिए मजबूर कर सकता है। उन्होंने एक सहयोगी से कहा कि ईरान केवल डर और अपमान की भाषा समझता है।

हमलों की संख्या से मापी जा रही सफलता

अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप इस पूरे संघर्ष में सफलता को इस आधार पर आंक रहे हैं कि कितने ईरानी ठिकानों को नष्ट किया गया है। यह उनके लिए युद्ध की प्रगति का एक प्रमुख पैमाना बना हुआ है।

Source: https://www.ndtv.com/world-news/iran-us-war-news-why-trump-was-kept-out-of-control-room-during-f-15-airmen-rescue-in-iran-11382057?pfrom=home-ndtv_topscroll_Imagetopscroll

By Mohit Negi

Mohit is an experienced tech writer with a passion for all things tech-related. He has written numerous articles and blog posts on various topics, including tech news, buying guides, social news, and troubleshooting guides.

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