Spread the love 1 1Share दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह बजट बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। सरकार ने इसे “ग्रीन बजट” के रूप में पेश किया है। कुल 1,03,700 करोड़ रुपये के आकार के साथ यह राजधानी के अब तक के सबसे बड़े बजटों में से एक है। बजट की मुख्य बातें कुल बजट: 1,03,700 करोड़ रुपये ग्रीन आवंटन: 21 प्रतिशत प्रति व्यक्ति आय: 5 लाख से बढ़कर 2027 तक 5.3 लाख रुपये GDP में हिस्सेदारी: 3.67% से बढ़कर 3.72% यह आंकड़े दिल्ली की अर्थव्यवस्था में संभावित मजबूती का संकेत देते हैं। इसे भी पढ़े: PMMVY योजना 2026: गर्भवती महिलाओं को ₹5000 की सहायता ‘ग्रीन बजट’ पर फोकस सरकार ने कुल बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं के लिए निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास को प्राथमिकता देना है। मुख्य पर्यावरणीय घोषणाएं: पर्यावरण बजट: 822 करोड़ रुपये (पहले 505 करोड़) विश्व बैंक के साथ साझेदारी: प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली के लिए बायोगैस प्लांट: नए प्लांट स्थापित किए जाएंगे ई-वेस्ट प्लांट: कचरा प्रबंधन के लिए नई इकाइयां प्रदूषण जांच केंद्र: 50 करोड़ रुपये का प्रावधान यह संकेत देता है कि सरकार स्वच्छ परिवहन और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ा सकती है। सड़क, आवास और शहरी विकास ग्रीन बजट के साथ-साथ सरकार ने बुनियादी ढांचे पर भी बड़ा जोर दिया है। मुख्य आवंटन: शहरी विकास और आवास: 7,800 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग (PWD): 5,921 करोड़ रुपये एमसीडी फंडिंग: 11,666 करोड़ रुपये विधायक क्षेत्रीय कार्य: 350 करोड़ रुपये हर घर को 2 मुफ्त LPG सिलेंडर रेखा गुप्ता ने पिछली सरकार की “फ्रीबी कल्चर” की आलोचना की, लेकिन बजट में हर परिवार को दो मुफ्त LPG सिलेंडर देने के लिए 260 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एक सिलेंडर होली पर दूसरा दिवाली पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स 750 किमी सड़कों का उन्नयन – 1,392 करोड़ रुपये बारापुला कॉरिडोर विस्तार – 210 करोड़ रुपये ट्रांस-यमुना विकास – 300 करोड़ रुपये इसे भी पढ़े: दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: ट्रांसजेंडर यात्रियों को मिलेगी बसों में मुफ्त यात्रा परिवहन क्षेत्र में निवेश कुल परिवहन बजट: 8,374 करोड़ रुपये मेट्रो विस्तार: 2,885 करोड़ रुपये NaMo भारत (RRTS): 568 करोड़ रुपये ईवी नीति: 2,000 करोड़ रुपये वर्तमान ईवी बसें: 4,300 लक्ष्य: 7,500 ईवी बसें ‘4S’ मॉडल पर आधारित रणनीति सरकार ने विकास के लिए “4S” मॉडल प्रस्तुत किया है: Speed (गति) Skill (कौशल) Strength (मजबूती) Scale (विस्तार) यह मॉडल परियोजनाओं के तेज और व्यापक क्रियान्वयन पर जोर देता है। महिलाओं और सामाजिक योजनाएं मुख्य योजनाएं: रानी हाट: 10 करोड़ रुपये (महिलाओं के लिए बाजार) दिल्ली लखपति बिटिया योजना: 128 करोड़ रुपये ई-ऑटो परमिट: 1,000 महिलाओं और 100 ट्रांसजेंडर के लिए स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन: 2.5 करोड़ यूनिट प्रति वर्ष शिक्षा क्षेत्र में निवेश शिक्षा बजट: लगभग 19,000 करोड़ रुपये कक्षा 9 की छात्राओं को मुफ्त साइकिल कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को लैपटॉप स्मार्ट क्लासरूम का विस्तार सभी सरकारी स्कूलों में मेडिकल रूम नई नीतियां और तकनीकी पहल बजट में आधुनिक और सतत विकास को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है: सेमीकंडक्टर नीति ड्रोन नीति “कंसर्ट इकोनॉमी” को बढ़ावा वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स का विस्तार जैविक कचरे और गोबर से ऊर्जा उत्पादन कार्बन क्रेडिट मॉडल पर विचार पर्यटन को बढ़ावा 1,000 सार्वजनिक शौचालय नए गेस्ट हाउस टाउन हॉल का पुनर्विकास शहर ब्रांडिंग: कॉन्सर्ट, फेस्टिवल और वैश्विक आयोजन आर्थिक विकास के अनुमान 2027 तक प्रति व्यक्ति आय 5.3 लाख रुपये होने का अनुमान राष्ट्रीय GDP में हिस्सेदारी 3.72% तक पहुंचने की उम्मीद राजनीतिक संदेश बजट भाषण के दौरान रेखा गुप्ता ने पिछली सरकार पर “खराब प्रशासन” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों में एक ही दल की सरकार (ट्रिपल इंजन) दिल्ली के विकास को गति देगी। Source: https://www.ndtv.com/india-news/delhi-budget-2026-2-free-lpg-cylinders-to-every-household-delhi-budget-amid-middle-east-war-11258944 Post navigation दाऊद इब्राहिम जिंदा या मरा? UN रिपोर्ट और पाकिस्तान के दावों पर फिर उठे सवाल अमेरिका-ईरान तनाव: बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी पर बवाल, मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता