ईरान युद्ध अपडेट
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मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की उस अपील को बड़ा झटका लगा है, जिसमें उन्होंने सहयोगी देशों से (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने को कहा था। कई देशों ने इस प्रस्ताव से दूरी बना ली है।

जर्मनी समेत कई देशों ने किया इनकार

जर्मनी के रक्षा मंत्री Boris Pistorius ने साफ कहा कि “यह हमारा युद्ध नहीं है, हमने इसे शुरू नहीं किया।”
इसके अलावा जापान, इटली और ऑस्ट्रेलिया ने भी इस मिशन में शामिल होने से इनकार कर दिया। वहीं फ्रांस, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन ने भी स्पष्ट समर्थन नहीं दिया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा कि उनका देश “किसी बड़े युद्ध में खींचा नहीं जाना चाहता।”

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होर्मुज़ जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही रोकने की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत सोमवार को बढ़कर करीब 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।

युद्ध का तीसरा हफ्ता, हजारों लोगों की मौत

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष अब तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस युद्ध में अब तक करीब 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकतर ईरान और लेबनान के नागरिक शामिल हैं।

लेबनान में इजराइल के हमलों के बाद लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

इजराइल ने लेबनान में बढ़ाए जमीनी हमले

इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में सेना ने जमीनी अभियान शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सीमा के पास रहने वाले इजराइली नागरिक सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।

ईरान ने कहा – जितना समय लगेगा, लड़ेंगे

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उनका देश “जितना समय लगेगा, खुद की रक्षा करता रहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने न तो युद्धविराम की मांग की है और न ही किसी बातचीत का प्रस्ताव दिया है।

वैश्विक राजनीति पर असर

इस युद्ध का असर दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने संकेत दिया है कि अमेरिका और चीन के बीच प्रस्तावित शिखर बैठक भी युद्ध के कारण टल सकती है।

मौतों का आंकड़ा

  • ईरान में करीब 1348 नागरिकों की मौत
  • लेबनान में 886 लोगों की मौत
  • इजराइल में 12 लोगों की मौत
  • अमेरिकी सेना के 13 जवानों की मौत

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Strait of Hormuz में तनाव और बढ़ा, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

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