Spread the love नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शनिवार को प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत की गई नजरबंदी को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया। यह फैसला लगभग छह महीने बाद आया है, जब उन्हें सितंबर 2025 में लद्दाख के लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद हिरासत में लिया गया था। क्यों हुई थी गिरफ्तारी वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इससे दो दिन पहले लेह में लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जो बाद में हिंसक हो गए। इन घटनाओं में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए थे। प्रशासन ने आरोप लगाया था कि उनकी गतिविधियां क्षेत्र की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं, जिसके बाद उन्हें NSA के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल भेज दिया गया था। सरकार ने क्यों लिया रिहाई का फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक की नजरबंदी खत्म करने का फैसला लद्दाख में शांति और संवाद का माहौल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे आंदोलन और तनाव को देखते हुए अब सभी पक्षों के साथ रचनात्मक बातचीत को आगे बढ़ाना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही थी सुनवाई इस बीच वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए Supreme Court of India में याचिका दायर की थी। अदालत में इस मामले की सुनवाई भी चल रही थी, जिसे हाल ही में आगे की तारीख तक स्थगित किया गया था। लद्दाख आंदोलन का बड़ा चेहरा सोनम वांगचुक लद्दाख में पर्यावरण संरक्षण और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। वे लंबे समय से लद्दाख के लिए अधिक स्वायत्तता और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों को उठाते रहे हैं। आगे क्या सरकार ने उम्मीद जताई है कि संवाद के जरिए लद्दाख से जुड़े मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा। वहीं वांगचुक ने भी पहले कहा था कि लद्दाख के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ईमानदार और रचनात्मक बातचीत जरूरी है। Source:Hindustan Times –https://www.hindustantimes.com/india-news/why-the-govt-decided-to-release-sonam-wangchuk-what-it-said-on-his-ladakh-agitation-earlier-explained-101773472908487.html Post navigation छोटी आदतें, बड़ी बीमारी! आपकी रोज़ की दिनचर्या कितना बिगाड़ रही है स्वास्थ्य