Spread the love Disclaimer:यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए कृपया डॉक्टर या योग्य चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। महिलाओं में आयरन की कमी आज एक आम स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। खासकर पीरियड्स (मासिक धर्म) और गर्भावस्था के दौरान शरीर में आयरन की जरूरत बढ़ जाती है। यदि इस दौरान सही पोषण न मिले या रक्तस्राव ज्यादा हो, तो शरीर में आयरन का स्तर तेजी से गिर सकता है और इससे एनीमिया जैसी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आयरन की कमी को नजरअंदाज करना महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है। समय पर सही खानपान, जांच और डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। पीरियड्स में आयरन की कमी क्यों होती है? पीरियड्स के दौरान हर महीने गर्भाशय की परत टूटकर खून के रूप में शरीर से बाहर निकलती है। यह प्रक्रिया सामान्यतः 3 से 7 दिनों तक चलती है। आम तौर पर इस दौरान लगभग 30 से 80 मिलीलीटर तक रक्तस्राव होता है, लेकिन कुछ महिलाओं में यह मात्रा इससे अधिक हो सकती है। जब रक्तस्राव ज्यादा होता है, तो शरीर से आयरन भी अधिक मात्रा में निकल जाता है। क्योंकि खून में आयरन की मात्रा काफी ज्यादा होती है। लगातार ऐसा होने पर शरीर में आयरन की कमी बढ़ने लगती है। आयरन शरीर के लिए क्यों जरूरी है? आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। हीमोग्लोबिन वह प्रोटीन है जो खून के जरिए शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो हीमोग्लोबिन का स्तर भी गिरने लगता है और आयरन डिफिशिएंसी एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य संस्था World Health Organization के अनुसार, दुनिया भर में बड़ी संख्या में महिलाएं आयरन की कमी से प्रभावित हैं, और यह महिलाओं में सबसे आम पोषण संबंधी समस्याओं में से एक है। महिलाओं में आयरन की कमी के मुख्य कारण विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में आयरन की कमी के कई कारण हो सकते हैं: पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान आयरन की बढ़ी हुई जरूरत संतुलित और आयरन युक्त भोजन की कमी पेट या आंतों से जुड़ी बीमारियां ज्यादा डाइटिंग या पोषण की कमी शाकाहारी आहार में आयरन स्रोतों की कमी आयरन की कमी के लक्षण यदि शरीर में आयरन कम हो जाए, तो कई संकेत दिखाई दे सकते हैं: लगातार थकान या कमजोरी चक्कर आना सांस फूलना बाल झड़ना त्वचा का पीला पड़ना दिल की धड़कन तेज होना ध्यान केंद्रित करने में परेशानी यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। आयरन की कमी को कैसे पूरा करें? 1. आयरन से भरपूर आहार लें डाइट में इन चीजों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है: पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां दालें, चना, राजमा अनार और चुकंदर गुड़ सूखे मेवे जैसे किशमिश, खजूर और बादाम Also Read: केले के छिलके के फायदे 2. विटामिन C का सेवन करें विटामिन C शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाता है। इसलिए इन चीजों का सेवन करें: संतरा नींबू आंवला अमरूद टमाटर 3. डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें कई मामलों में डॉक्टर आयरन-फोलिक एसिड टैबलेट लेने की सलाह देते हैं, जिससे शरीर में आयरन का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। 4. चाय और कॉफी का सेवन कम करें आयरन युक्त भोजन या दवा लेने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से आयरन का अवशोषण कम हो सकता है। कब डॉक्टर से संपर्क करें? अगर पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही हो, लगातार थकान रहती हो या चक्कर आते हों, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर इलाज और सही पोषण से एनीमिया जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। Also Read: सोशल मीडिया का युवाओं की मानसिक सेहत पर असर निष्कर्ष महिलाओं में आयरन की कमी अक्सर पीरियड्स, गर्भावस्था और खराब खानपान के कारण होती है। लेकिन सही डाइट, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें और समय रहते उचित कदम उठाएं। Office on Women’s Health – https://www.womenshealth.gov/a-z-topics/iron-deficiency-anemia Healthline – https://www.healthline.com/health/anemia-period PubMed Research – https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/36706856/ Post navigation ईरान युद्ध में अमेरिका अकेला? ट्रंप की अपील को जर्मनी-जापान ने ठुकराया