Reduced shipping traffic in the Strait of Hormuz amid Iran-US tensions
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फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में तेज गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा हालात में बेहद कम संख्या में जहाज ही इस अहम समुद्री मार्ग से गुजर पा रहे हैं।

यह जलडमरूमध्य वैश्विक स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला एकमात्र समुद्री रास्ता है।

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ईरान का बयान: “विनम्र रहें और आगे बढ़ें”

हाल ही में जिम्बाब्वे में ईरान के मिशन ने इस संकट पर हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “विनम्र रहें और आगे बढ़ें।” इस टिप्पणी के साथ फ्रांस और स्पेन का उल्लेख भी किया गया, जिससे संकेत मिला कि शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए सुरक्षित मार्ग की अनुमति मिल रही है।

हालांकि यह बयान हास्यपूर्ण था, लेकिन इसका उद्देश्य हॉर्मुज़ स्ट्रेट में जारी तनावपूर्ण स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करना था।

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मार्ग को फिर से चालू करने का संकल्प जताया है और कहा है कि इस संबंध में बातचीत जारी है।

Hormuz Strait blockade

हमलों के बाद बिगड़े हालात

ईरानी नेतृत्व का कहना है कि 28 फरवरी तक जलडमरूमध्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा था, लेकिन अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष ने स्थिति को गंभीर बना दिया।

दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया स्थित ईरानी दूतावास की एक पोस्ट में जलडमरूमध्य को अमेरिकी झंडे में लिपटे ताबूतों से भरा दिखाया गया, जिसके साथ लिखा था— “हॉर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाली एकमात्र अमेरिकी चीज।”

शिपिंग ट्रैफिक में भारी गिरावट

संघर्ष शुरू होने के बाद से इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी कमी आई है। वर्तमान में केवल वही जहाज गुजर पा रहे हैं, जिनके ईरान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।

सीमित आवाजाही के बीच कुछ जहाजों की आवाजाही जारी

लगभग अवरुद्ध स्थिति के बावजूद, कुछ जहाज अभी भी इस संकरे जलमार्ग से गुजर रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में तीन टैंकरों सहित कुछ जहाज ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास तट के करीब रहकर इस मार्ग को पार करने में सफल रहे। इनमें एक जहाज जापानी कंपनी के सह-स्वामित्व वाला था।

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, फ्रांस की लॉजिस्टिक्स कंपनी CMA CGM द्वारा संचालित एक जहाज इस मार्ग से गुजरने वाला पहला पश्चिमी यूरोपीय पोत बना।

कूटनीतिक प्रयास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने संघर्ष विराम की अपील की है और कहा है कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलना जारी बमबारी के समाप्त होने पर निर्भर करेगा।

भारत ने भी इस क्षेत्र में अपनी समुद्री उपस्थिति बनाए रखी है। 28 फरवरी के बाद से कम से कम आठ भारतीय-संबंधित जहाज इस मार्ग से गुजर चुके हैं। पाकिस्तान ने भी सुरक्षित मार्ग के लिए द्विपक्षीय समझौते किए हैं।

ईरान की दीर्घकालिक योजना

मौजूदा संकट के बीच ईरान भविष्य की रणनीति पर भी विचार कर रहा है। तेहरान जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल सिस्टम लागू करने की योजना बना रहा है।

यदि यह लागू होता है, तो इससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक पर ईरान का नियंत्रण और मजबूत हो सकता है।

Source: https://www.hindustantimes.com/world-news/after-us-suffers-setbacks-iran-offers-simple-solution-for-hormuz-passage-be-polite-and-101775294345950.html

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