Spread the love बरेली: खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण देश भर में पैदा हुए एलपीजी संकट के बीच, बरेली जिला प्रशासन ने शादी वाले परिवारों के लिए एक राहत भरी पहल शुरू की है। अब शादी का कार्ड दिखाकर आवेदन करने पर आयोजकों को जरूरत के अनुसार कॉमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। शादी के कार्ड पर मिलेगी गैस की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शादी समारोहों में ईंधन की कमी से होने वाली बाधाओं को दूर करना है। जिन परिवारों में विवाह कार्यक्रम हैं, वे शादी का कार्ड लेकर जिला प्रशासन या पूर्ति विभाग में आवेदन कर सकते हैं। विभाग आवेदन की सत्यता की जांच करने के बाद सिलेंडर आवंटन की प्रक्रिया शुरू करेगा। दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: ट्रांसजेंडर यात्रियों को मिलेगी बसों में मुफ्त यात्रा आवेदन की प्रक्रिया और जरूरी शर्तें गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए आयोजकों को एक औपचारिक प्रार्थना पत्र देना होगा। इस आवेदन में निम्नलिखित जानकारियां देना अनिवार्य है: शादी की निश्चित तिथि। मेहमानों की संभावित संख्या। सिलेंडरों की कुल आवश्यकता। शादी का कार्ड (अनिवार्य दस्तावेज)। पूर्ति विभाग द्वारा जांच पूरी होने के बाद, संबंधित गैस एजेंसी के नाम एक अनुमति पत्र जारी किया जाएगा। इसके आधार पर पेट्रोलियम कंपनी से सिलेंडर मंगवाकर आयोजक को अस्थायी कनेक्शन दिया जाएगा। सुरक्षा राशि और रिफंड का गणित इस योजना के तहत आयोजक को सिलेंडर की तत्कालीन कीमत के अलावा 4500 रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा करने होंगे। वापसी प्रक्रिया: कार्यक्रम संपन्न होने के बाद खाली सिलेंडर वापस करने पर 2400 रुपये रिफंड कर दिए जाएंगे। नोट: यदि सिलेंडर वापस नहीं किए जाते हैं, तो सुरक्षा राशि जब्त कर ली जाएगी। साथ ही, सिलेंडर की कीमतें बाजार के अनुसार परिवर्तनीय होंगी। कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा जिलाधिकारी अविनाश सिंह के अनुसार, इस योजना से न केवल जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध वसूली पर भी लगाम लगेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि गैस का लाभ केवल उन्हीं को मिले जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। इस कदम से घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा और जिले में गैस की नियमित आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी। प्रशासन की इस पहल से उन परिवारों ने राहत की सांस ली है जिनके घरों में आने वाले दिनों में मांगलिक कार्यक्रम निर्धारित हैं। Post navigation पश्चिम बंगाल में SIR अधिकारियों को बंधक बनाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र बल तैनात करने के निर्देश