रामायण का जादू बरकरार, कुंभकरण के बाद मेघनाद की इस बात के मुरीद हुए दर्शक

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कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन है। काम-धाम भी ठप है और सब लोग अपने-अपने घरों में बंद हैं। ऐसे में लोगों का घर में बैठे-बैठे बोर होना भी लाज़मी है। केंद्र सरकार ने लोगों की इस बोरियत को दूर करने के लिए दूरदर्शन नेशनल चैनल पर रामानंद सागर द्वारा प्रस्तुत रामायण शुरू करवाई। जिसे दर्शकों द्वारा खूब सारा प्यार भी मिल रहा है। आए दिन रामायण टीआरपी के नए रिकॉर्ड बना रहा है। दर्शकों को रामायण के किरदार भी खूब पसंद आ रहे हैं। लेकिन रावण पुत्र इंद्रजीत का किरदार दर्शकों को इतना पसंद आया कि सोशल मीडिया पर #meghnath ट्रेंड करने लगा।

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दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली रामायण में रावण पुत्र इंद्रजीत (मेघनाद) का वध हो गया। मेघनाद धर्म के विरुद्ध लड़ते हुए लक्ष्मण के हाथों मारे गए, किन्तु फिर भी मेघनाद का किरदार दर्शकों के दिलों में घर कर गया।

पिता के लिए बलिदान देना तो खुद राम ने सिखाया – मेघनाद

दरअसल जब मेघनाद युद्ध में जाने से पहले अपनी माता के चरण स्पर्श करने जाते हैं, तो उनकी माता मंदोदरी उन्हें रोते हुए भगवान राम के शरण में जाने के लिए कहती हैं। तब मेघनाद का अपनी माता को जवाब होता है, ‘ये आप कौन से धर्म की बात बता रही हो माता? पुत्र के लिए केवल एक ही धर्म का मार्ग है। अपने पिता के चरणों में अपना सुख, संपत्ति, वैभव यहां तक कि अपनी मुक्ति का भी बलिदान देना। “स्वयं राम ने भी तो यही आदर्श सिखाया है।” माते, मुझसे कोई भूल हो गई हो तो क्षमा कर देना।’ मेघनाद की इस पित्रभक्ती को देखकर दर्शक उनके किरदार की खूब सराहना कर रहे हैं।

किरदार के साथ ही मेघनाद का किरदार निभाने वाले विजय अरोड़ा की एक्टिंग की भी दर्शक खूब प्रशंसा कर रहे हैं। इससे पहले दर्शकों को कुंभकरण का किरदार और कलाकार की कला भी खूब पसंद आई थी।

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