स्विंग का जादूगर कहे जाने वाला ये क्रिकेटर करने वाला था सुसाइड, तभी देखा कुछ ऐसा कि….

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सब अपनी ज़िन्दगी में खुश रहना चाहते हैं। सभी अपनी जिंदगी में उस मुकाम तक पहुंचना चाहते हैं, जिसकी वह कल्पना करते हैं। कुछ लोग कड़ी मेहनत करने के बाद उस मुकाम तक पहुंच भी जाते हैं। लेकिन उनका क्या जो मेहनत करने के बाद भी अपने मुकाम को हासिल ना कर पाएं?

ऐसी स्थिति में इंसान अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो जाते हैं। डिप्रेशन एक ऐसी अवस्था है, जो इंसान की हस्ती खेलती जिंदगी को बर्बाद कर सकता है। यह अमीरी गरीबी नहीं देखती। इसका शिकार कोई भी हो सकता है। एक समय भारतीय बॉलिंग अटैक की जान माना जाने वाले प्रवीण कुमार भी हाल ही में कुछ ऐसे ही दौर से गुजरे हैं। डिप्रेशन भी ऐसा कि मेरठ में रहने वाले प्रवीण कुमार एक दिन अपनी रिवाल्वर उठाकर अपनी कार में बैठे और हरिद्वार हाईवे की तरफ निकल पड़े। लंबे समय से उन्हें भारत के लिए क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था। इस आप से परेशान होकर उन्होंने सुसाइड करने की सोची।

गाड़ी में रखी बच्चों की फोटो देखकर आया होश

Praveen Kumar wanted to commit suicide
Praveen Kumar wanted to commit suicide

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटव्यू में प्रवीण ने बताया कि हरिद्वार हाईवे पर उन्होंने गाड़ी एक किनारे लगाकर उन्होंने खुद से कहा, ‘क्या है यह सब? बस खत्म करते हैं।’ जैसे ही प्रवीण ने अपनी रिवाल्वर उठाई, उन्हें सामने रखी अपने बच्चों की फोटो दिख गई। यह देखकर वो होश में आए।
उन्होंने बताया कि ‘मैं अपने फूल जैसे बच्चों की तस्वीर देख कर ऐसा नहीं कर पाया। उन्हें नरक में नहीं छोड़ सकता था। फिर मैं घर लौट गए।

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2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में बने थे हीरो

2007 में प्रवीण कुमार को टीम इंडिया से खेलने का मौका मिला था। 2008 में प्रवीण कुमार ने एक त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर भारत को जीत दिलाई थी। प्रवीण की स्विंग के चर्चे पूरी दुनिया में होने लगे थे। 2011 में वर्ल्ड कप में खेला जाना था प्रवीण कुमार उस के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। लेकिन अचानक वर्ल्ड कप से पहले प्रवीण डेंगू की चपेट में आ गए। जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड कप में जगह नहीं मिल पाई। बाद में ऊपर में डेंगू से उभर गए लेकिन फिर वह टीम में जगह बनाने में असफल रहे। प्रवीण ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच मार्च 2012 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। इसके बाद ना उन्हें टीम इंडिया में जगह मिली और ना आईपीएल का कॉन्ट्रैक्ट मिल रहा था। अक्टूबर 2018 में उन्होंने हर तरह के क्रिकेट से संयास ले लिया था।