कोरोना संकट के बीच रूस से आई बड़ी खबर, वैक्सीन सभी परीक्षण में पास, जल्द होगी लांच

Oxford university covid19 vaccine, Covishield
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एक ओर जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर अब रूस से अच्छी खबर आ रही है। दरअसल रूस सितम्बर के महीने तक कोरोना की वैक्सीन तैयार कर लेगा। रूस के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया है कि रूस ने कोरोना वायरस की वैक्सीन का सफल परीक्षण कर लिया है। अब रूस सितम्बर तक इस वैक्सीन को लांच कर सकता है। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वैक्सीन के सफल परीक्षण के बाद उन्होंने पाया कि वैक्सीन से लोगो की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बहुत वृद्धि हुई है। जबकि उसके कोई साइड इफेक्ट्स भी देखने को नहीं मिले।

महत्वूर्ण बिंदु

  • रूस का दावा – वैक्सीन क्लीनिकल परीक्षण में हुई सफल।
  • वैक्सीन लगाने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हुई।
  • रूसी मंत्री ने कहा इस वैक्सीन का पूरा खर्चा सरकार उठायेगी।
  • रूस का दावा वैक्सीन सितम्बर तक हो जाएगी पंजीकृत।
  • अक्टूबर में शुरू होगी टीकाकरण प्रक्रिया।

इजराइल ने भी बना ली कोरोना वैक्सीन!

पूरी दुनिया के रिसर्च इंस्टिट्यूट आजकल कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। सभी लोग इस महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीन को जल्द से जल्द बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे लोगों की जान को बचाया जा सके। इसी कड़ी में रूस, इजराइल और भारत जैसे सभी देश वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं।

भारत में कोरोना की दवाई लांच!

देश भर में कोरोना वायरस दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. अच्छी ख़बर ये है कि हर रोज बहुत से मरीज़ ठीक होकर अपने घर भी वापस जा रहे हैं। शुरुआत में कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोई दवाई नहीं थी। लेकिन धीरे धीरे इसके इलाज के लिए दुनिया भर में कई तरह की दवाइयां लांच हुई हैं।भारत में भी कोरोना वायरस के मरीजों के लिए दवाई लांच की गई है।हाल ही में लूपिन नाम कि कंपनी ने भी कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोविहल्ट नाम की दवाई लांच कर दी है। ये दवाई कोरोना वायरस के हलके संक्रमण ओर कम गंभीर रोगियों के इलाज के लिए कारगर साबित हो रही है। इसकी एक गोली कि कीमत 49 रुपए रखी गई है।इससे पहले सन फार्मा कंपनी ने भी फ्लुगार्ड के नाम से कोरोना मरीजों के लिए दवाई लांच की थी जिसकी कीमत 35 प्रति टैबलेट थी।साथ ही हम आपको बता दे फेरीपिरावीर एक मात्र ऐसी डोज है जिसे कोरोना के इलाज के लिए भारत में अनुमति दे गई हैं। इससे पहले भी ग्लेनमार्क फार्मा कंपनी ने भी फरीपिरविर को कोरोना के इलाज के लिए फबिफ्लू के नाम से अपनी दवाई को बाजार में लांच किया था।