अब उत्तराखण्ड आने वाले सभी लोगों को नहीं कराना होगा कोरोना टेस्ट, जारी हुआ आदेश… पढ़ें पूरी खबर

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उत्तराखण्ड में अनलॉक 4 के दौरान संक्रमण में आई तेजी किसी से छुपी नहीं है। बढ़ता संक्रमण सरकार के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। पिछले दिनों उत्तराखण्ड सरकार ने संक्रमण की रोकथाम के लिए नया नियम लागू किया था। नए नियम में बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड आने वाले लोगों को कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य रखा गया था। जो लोग कोरोना टेस्ट रिपोर्ट लेकर नहीं आ रहे थे, उनका टेस्ट उत्तराखण्ड बॉर्डर पर एंट्री करने से पहले ही किया जा रहा था। लेकिन इस कारण सीमा पर कोरोना जांच कराने वालों की लंबी भीड़ लग रही थी। वहीं सरकार ने अब नया आदेश जारी कर उत्तराखण्ड आने वालों के लिए बड़ी राहत दे दी है।

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दरअसल प्रदेश सरकार ने नए आदेश में उन लोगों को राहत दी है, जो सिर्फ 3-4 दिनों के लिए उत्तराखण्ड आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक सीमा पर एंट्री के लिए लगी लंबी लाईन को देखते हुए सरकार ने ये कदम उठाया है। इस फैसले के बाद केवल 3 या 4 दिन के लिए निजी काम से उत्तराखण्ड आने वालों को कोरोना टेस्ट कराना अनिवार्य नहीं होगा। जबकि अन्य लोगों के लिए पहले की तरह ही प्रदेश में एंट्री के लिए अपने साथ कोरोना टेस्ट रिपोर्ट रखनी होगी। कोरोना रिपोर्ट भी 96 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए। वहीं जो लोग कोरोना टेस्ट रिपोर्ट साथ नहीं लाएंगे, उनका टेस्ट सीमा पर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया है कि प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद सरकार पर लोगों का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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राजधानी देहरादून के सबसे बुरे हाल

आपको बता दें उत्तराखण्ड में अब प्रतिदिन मिलने वाले संक्रमितों की संख्या 1500 के करीब पहुंच गई है। वहीं अब संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या में भी तेजी दिख रही है। अभी तक प्रदेश में 37 हजार से अधिक मरीज पाए जा चुके हैं। प्रदेश में संक्रमण से सबसे बुरे हाल राजधानी देहरादून के हैं। प्रदेश में प्रतिदिन मिलने वाले संक्रमितों के करीब 35 प्रतिशत मरीज अकेले राजधानी में मिल रहे हैं। यहां अभी तक 9 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी सबसे अधिक देहरादून में ही है।

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