मिशन गगनयान- अंतरिक्ष में जाने के लिए तैयार है इंसानी रोबोट ‘व्योमित्र’, इंसानों की तरह बात करने में सक्षम

Mission Gaganyan
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपना महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मिशन गगनयान‘ के लिए दिसंबर 2021 को डेडलाइन का समय निश्चित किया है। गगनयान में 3 अंतरिक्ष यात्रियों को 5-7 दिनों के लिए अंतरिक्ष भेजा जाना है। जिनका शुरुआती प्रशिक्षण भारत में ही किया जाना है, लेकिन एडवांस प्रशिक्षण रूस में किया जाएगा। प्रोजेक्ट को काफी धनराशि की जरूरत थी, जिसके लिए केंद्रीय कैबिनेट मिशन गगनयान के लिए 10,000 करोड़ रुपए के बजट की मंजूरी भी दे चुका है। मिशन पूरा होने पर भारत ऐसा करने वाला चौथा देश भी बन जाएगा।

‘व्योमित्र’ इंसानों की तरह बात करने में है सक्षम

इसरो गगनयान से पहले दो मानव रहित मिशन भी लॉन्च करेगा। यह मिशन पहला दिसंबर 2020 तक दूसरा जून 2021 को पूरा किया जाएगा। इन मिशन के लिए बुधवार को इसरो ने ‘व्योमित्र’ नामक ह्यूमनॉइड रोबोट को प्रदर्शित किया। यह रोबोट इंसानों की तरह बात कर सकती है। इस रोबोट को गगनयान से पहले इन दो मिशन में एक प्रयोग के तौर पर अंतरिक्ष भेजा जाएगा। व्योमित्र वहां पर मानव शरीर के क्रियाकलापों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट इसरो को भेजेगा।

गगनयान मिशन में भारत अपने 3 अंतरिक्ष यात्रियों को 5 से 7 दिन के लिए अंतरिक्ष भेजेगा। जो वहां पर विभिन्न प्रकार के माइक्रो-ग्रैविटी टेस्ट को अंजाम देंगे। इस मिशन का खास मकसद सभी गगन यात्रियों को अंतरिक्ष यात्रा में भेज कर विभिन्न जानकारियों के साथ सुरक्षित वापस लाना है।