क्या वाकई मुस्लिम बुजुर्ग ने पेशाब करके केलों पर छिड़का था? जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई

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बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब शेयर की जा रही है। वीडियो में कुछ लोग एक फल बेचने वाले बुजुर्ग व्यक्ति पर बोतल में पेशाब करके केलों पर छिड़कने का आरोप लगा रहे हैं। बुजुर्ग उन लोगों से माफी मांग रहा है, लेकिन वीडियो बनाने वाला उन्हें वहीं खड़े रहने को कहता है। करीब डेढ़ मिनट की इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा जा रहा है कि “ये मुल्ला बिजनौर में पेशाब बोतल में करके केलों पर छिड़क रहा था। हिरासत में ले लिया गया है और लो केले इनसे, सावधान रहें।” सोशल मीडिया पर इस वीडियो को 17000 हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है।

इस वीडियो को सुदर्शन न्यूज के एडिटर इन चीफ सुरेश चव्हाणके ने भी ट्वीट किया है। साथ ही लिखा है, “बिजनौर UP में बोतलों में पेशाब कर के फलों पर छिड़कते पकड़ा गया एक जेहादी.. शत प्रतिशत सत्य।”

इसके अलावा यह वीडियो बीजेपी प्रवक्ता सांबित पात्रा ने भी ट्वीट किया है। उन्होने भी अपने अंदाज में पेशाब करके केलों पर छिड़कने वाली बात कही है। साथ ही लिखा है, ‘कोई जरा आरती की थाली लाना.. बाबा की आरती करनी है क्योंकि कुछ अन्यथा बोलो तो फिर ISLAMOPHOBIA की complaint कर देंगे गल्फ में।”

इस बात की जांच के लिए Alt news की टीम ने बिजनौर पुलिस से संपर्क साधा। पुलिस ने मैसेज के जरिए बताया कि बुजुर्ग का नाम इरफान अहमद है। जो घूम-घूम कर सीजन के हिसाब से फल बेचते हैं। 20 अप्रैल को मोहल्ला बुखारा में फल बेचते वक्त वो गली में पेशाब करने गए। इसके बाद ठेले पर रखी पानी की बोतल से अपने हाथ धोए तथा केलों पर पानी छिड़का और फिर उसी बोतल से पानी भी पिया। इस दौरान एक व्यक्ति ने शोर मचा दिया कि वो पेशाब करके केलों पर छिड़क रहा है। जबकि वीडियो में। बुजुर्ग ऐसा कुछ भी करता नहीं दिखाई देता है। पुलिस ने बताया कि यह वीडियो पहली नजर में ऐसा लगता है कि अफवाह फैलाने के लिए बनाई गई है। अब फल विक्रेता इरफान अहमद को क्वारंटीन के लिए भेज दिया है। और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले व्यक्तियों की तलाश जारी है।

इसके अलावा नजीबाबाद एक्सप्रेस नाम के ट्विटर हैंडल ने इस मामले की FIR कॉपी शेयर की है। इस FIR में कहीं भी बोतल पर पेशाब करके केलों पर छिड़कने का जिक्र नहीं है। FIR में लिखा है, “इस व्यक्ति ने इस बोतल के पानी से पेशाब करने के बाद हाथ धोए और गंदा पानी अपने ठेले जिसपर केले रखे थे, छिड़क दिया।”

Fir copy

नजीबाबाद एस्प्रेस ने बुजुर्ग की एक अन्य वीडियो भी शेयर की। वीडियो में बुजुर्ग बता रहे हैं कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया था।

Alt news ने FIR दर्ज कराने वालों में से एक व्यक्ति से भी बात की। उसने बताया कि पेशाब कर केलों पर छिड़कने की बात नहीं थी। और उसने वीडियो भी नहीं बनाई थी। वह तो बस घटनास्थल पर मौजूद था।

इन सब बातों से यह समझ आता है कि बुजुर्ग पर लगाया  बेबुगया आरोप बेबुनियाद है। वीडियो को सिर्फ सांप्रदायिक एजेंडा फैलाने के लिए शेयर किया गया है।