राजस्थान की राजनीति में नया मोड़, गहलोत ने जुटाया बहुमत, अब क्या करेंगे पायलट?

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कोरोना संकट के दौरान भी राजस्थान में सियासी हलचल मची हुई है। यहां सूबे के दो बड़े पद पर बैठे सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच ठनी हुई है। इसके चलते सचिन पायलट ने राजस्थान की कैबिनेट बैठक में शामिल न होकर पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर दिखा दिए थे। वहीं पार्टी के आलाकमान और सचिन पायलट ने एक दूसरे से मिलने से भी मना कर दिया था। सचिन पायलट के दावे के अनुसार राजस्थान के 25 विधायक उनके साथ हैं। जिसके बाद राजस्थान की गहलोत सरकार पर खतरा मंडराता दिख रहा था। लेकिन कल शाम को ही सचिन पायलट के साथ माने जाने वाले 5 विधायकों ने खुद को कांग्रेस का सच्चा सिपाही बताकर कहानी में नया मोड़ दे दिया।

वहीं सोमवार, 13 जुलाई को मुख्यमंत्री गहलोत ने विधायक दल की बैठक में 100 से अधिक विधायकों को जुटाकर विरोधियों को विक्ट्री साइन दिखा दिया है। ऐसे में 25 विधायकों का दावा करने वाले सचिन पायलट के दावे गलत साबित होते दिख रहे हैं। हालांकि गहलोत सरकार तो सुरक्षित नजर आ रही है, लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस अपने रूठे हुए नेताओं में मनाने में भी लग गई है।

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पायलट की क्या शर्त?

बताया जा रहा है कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से रणदीप सुरजेवाला ने सचिन पायलट से बात की है। रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि अगर सचिन पायलट को कोई मतभेद हैं तो पार्टी आलाकमान के दरवाजे उनके लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि इस मतभेद का सोनिया गांधी और राहुल गांधी की अगुवाई में समाधान निकाला जाएगा। लेकिन मतभेदों के कारण अपनी सरकार को कमजोर करना ठीक नहीं है।

वहीं अब बड़ी खबर आ रही है कि अब सचिन पायलट को मनाने खुद प्रियंका गांधी मैदान में उतर गई हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने सचिन पायलट से बात भी की है। खबर ये भी आ रही है कि पायलट ने राज्य में ग्रह और वित्त मंत्रालय की मांग की है। साथ ही पायलट ने प्रदेश अध्यक्ष पद भी मांगा है।

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क्या बच गई गहलोत सरकार?

राजस्थान में विधान सभा सीटों की संख्या 200 है। जिसमें बहुमत साबित करने के लिए कांग्रेस को 101 विधायकों की जरूरत है। हालांकि सीएम अशोक गहलोत ने 102 विधायक जुटा दिए हैं। लेकिन अगर पार्टी आलाकमान पायलट को मनाने में सफल नहीं हुए, तो बहुमत के ठीक बगल में बैठी गहलोत सरकार के गिरने की संभावना हमेशा बनी रहेगी। ऐसे में कांग्रेस के दिग्गज नेता कोशिश करेंगे कि पायलट को किसी भी तरीके से मनाया जाए, जिससे राजस्थान में बिना किसी भय के सरकार चलाई जा सके।