चीन ने चली फिर एक खतरनाक चाल, करना चाहता है वैक्सीन बाजार पर कब्ज़ा

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दुनिया भर में फैला कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से फैला है। जिस चीन ने दुनिया को कोरोना वायरस दिया वही  चीन दुनिया को इसकी वैक्सीन देने का दावा कर रहा है।  चीन ने यह दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस की  एक नहीं, दो वैक्सीन तैयार कर ली है। चीन के दावे के अनुसार चीन की 2 कंपनियों सिनोफार्म और सिनोवेक के ट्रायल पूरे होने वाले है। यह वैक्सीन नवंबर महीने से इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो जाएगी।

Oxford university covid19 vaccine, Covishield

 

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वैक्सीन का  ट्रायल किए बिना  टीकाकरण करने के पीछे क्या है चीन की मंशा?

चीन अपनी वैक्सीन के फेज 3 का ट्रायल पूरा किए बिना ही अपनी वैक्सीन को बाज़ार में उतारने का दावा कर रहा है । चीन के दावे के अनुसार अब देश में बड़े पैमाने पर लोगो को वैक्सीन लगाई जाएगी। चीन का मानना है बड़े पैमाने पर वैक्सीन लगाने से उसके टीके की विश्वसनीयता बढ़ेगी और दुनिया भर में उसके टीके की मांग बढ़ेगी। दुनिया भर में 150 कंपनियां वैक्सीन बनाने की दौड़ में लगी है । लेकिन चीन अकेला ऐसा देश है जिसने वैक्सीन का ट्रायल पूरा होने से पहले इसे बेचने की कोशिश शुरू कर दी है। चीन यह कोशिश इसलिए कर रहा है, जिससे कि उसकी कोरोना वैक्सीन की दुनिया भर में मांग बढ़ सके। साथ ही चीन की कंपनीया दुनिया के वैक्सीन बाज़ार पर अपना कब्जा कर सके।

 

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विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रायल पूरा किए बिना जल्दबाजी में बड़ी आबादी को वैक्सीन देने का फैसला ख़तरनाक हो सकता है । हमे यह नहीं भूलना चाहिए जब कोरोना वायरस शुरू हुआ था, तब चीन ने दुनिया के कई देशों को PPE किट्स और टेस्टिंग किट्स ऊंचे दामों पर बेचे थे, लेकिन बाद में वो सब घटिया साबित हुए। लेकिन चीन अभी भी सुधरने को तैयार नहीं है और कोरोना वायरस के बहाने कमाई की कोशिश में जुटा हुआ है।