इन जगहों पर बनाए एस्टेरॉयड ने गड्ढे, कुछ 1 किलोमीटर से भी कई गुना बड़े

इन जगहों पर बनाए एस्टेरॉयड ने गड्ढे
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बुधवार, 29 अप्रैल को 1998 OR2 एस्टेरॉयड माउंट एवरेस्ट से भी कई गुना बड़ा एस्टेरॉयड 31 हजार किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार से धरती के नजदीक से गुजर गया। लेकिन कई एस्टेरॉयड धरती पर टकराए भी हैं। जिनके कारण धरती पर कई किलोमीटर बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन बने हुए गड्ढों को क्रेटर कहते हैं। एस्टेरॉयड के टकराने से धरती पर कुछ इतने बड़े गड्ढे बने हैं, जिनका नक्शा अंतरिक्ष में जाकर बनाना पड़ा है। पृथ्वी पर अभी तक कुल 190 क्रेटर देखे गए हैं।

ऐसा ही एक क्रेटर भारत में भी जानकारी में आया है। ये महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में है।

Lonaar creatar

बुलढाणा में बने इस क्रेटर लोनार क्रेटर नाम दिया गया है। इसका व्यास करीब 1.80 किलोमीटर का है। इसकी गहराई 490 फिट नापी गई है। वैज्ञानिक आधार पर इस क्रेटर की उम्र 5.70 लाख साल आंकी गई है। इसकी जगह पर अब झील बन चुकी है।

दुनियां का सबसे बड़ा क्रेटर

दुनिया का सबसे बड़ा क्रेटर व्रेडेफोर्ट क्रेटर है। ये दक्षिण अफ्रीका के फ्री स्टेट में मौजूद है। इसका व्यास करीब 380 किलोमीटर है। करीब 200 साल पुराने इस क्रेटर को 2005 में यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया है।

डायनोसोर को खत्म करने वाला क्रेटर

 

Chiksulub creater

पृथ्वी पर एक ऐसा क्रेटर भी है, जिसे डायनोसोर के अंत का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। चिक्सूलुब नाम के इस क्रेटर को दुनियां का दूसरा सबसे बड़ा क्रेटर माना जाता है। 6.50 करोड़ साल पुराने इस क्रेटर का व्यास 300 किलोमीटर है।

यहां एस्टेरॉयड के अवशेष आज भी मौजूद

Morokwange creater

दक्षिण अफ्रीका के कालाहारी रेगिस्तान में मोरोकवेंग क्रेटर में एस्टेरॉयड के अवशेष आज भी मौजूद हैं। 14.5 करोड़ साल पुराने इस क्रेटर का व्यास करीब 70 किलोमीटर है। यहां अब भी वैज्ञानिकों की जांच जारी है।

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वाशिंगटन के बेहद नजदीक है ये क्रेटर

 

चेसापीक बे क्रेटर को अमेरिका के वर्जीनिया में 1980 में खोजा गया था। ये क्रेटर राजधानी वाशिंगटन के मात्र 201 किलोमीटर दूर है। इस क्रेटर को 3 करोड़ साल पुराना बताया जाता है।