उत्तराखंड- भाई को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई थी 11 साल की राखी, मिलेगा वीरता पुरस्कार

Rakhi saved her brother from guldar
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देवभूमि उत्तराखंड के पौड़ी जिले में रहने वाली मात्र 11 साल की राखी को एक हैरतंगेज कारनामे के लिए वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। यह पुरस्कार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा दिया जाएगा।
11 अक्टूबर को पौड़ी के ग्राम देव कुंडई में रहने वाली राखी (पुत्री दलवीर सिंह रावत) उस वक्त एक खूंखार गुलदार से भिड़ गई जब वह अपने 4 साल के भाई और अपनी मां के साथ खेत में गई थी। खेत से घर आते वक्त राखी अपने भाई के साथ आगे आगे चल रही थी और पीछे उसकी मां आ रही थी। तभी अचानक से खूंखार गुलदार में राखी के 4 साल के भाई पर हमला कर दिया।
11 साल की राखी भी यह देखकर डर गई, लेकिन वह हिम्मत दिखाते हुए अपने भाई से लिपट गई। गुलदार ने पंजे के धारदार नाखूनों से राखी पर हमला किया, लेकिन उसने अपने भाई को नहीं छोड़ा। गुलदार और खूंखार होता इससे पहले वह राखी की मां की चिल्लाने की आवाज सुनकर जंगल की ओर भाग गया।
राखी इस हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुई। घटना के बाद राखी को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में ले जाया गया। जहां राखी के सिर में 45 टांके लगे। 15 दिन तक इलाज चलने के बाद राखी स्वस्थ होकर अपने घर लौटी।

सेना मैं भर्ती होना चाहती है राखी

राखी प्राथमिक विद्यालय सरकंडाई में कक्षा पांच की छात्रा है। राखी के टीचर बताते हैं कि वह एक होनहार छात्रा है। वह हमेशा प्रथम श्रेणी में पास होती है। वह आर्मी में जाकर देश की सेवा करना चाहती है।